मन माझे...
काळजातून कागदावर!
Mann Maze
और समां बन गया
उसने आज फिरसे हसके देखा...
और खून के आंसू बह गए...
उसकी यादों ने धोका दिया यारों..
और समां बन गया..
उठ गयी कसक सी मेरे दिल में...
और धड़कने शायद थम सी गयी..
मेरे दिल नेही आज फिरसे धोका दिया..
और समां बन गया...
महेश..!!
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