मन माझे...
काळजातून कागदावर!
Mann Maze
अल्फाज-ए-माही
हसके अपनी आंखो से वो..
सर्-ए-आम कत्ल कर देते है...
अपनी अदा-ए-हुस्न से...
हमारा दिल वो जलाते है...
हम है कि उनके इशारो को...
बेवजह नजर-अंदाज करते है..
क्या कहे दोस्तो...
जब भी नाम आता है उनके दिवानो का..
लोग मेरी तरफ उंगली उठा देते है!
अल्फाज-ए-माही
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