Mann Maze

Mann Maze

अल्फाज-ए-माही

हसके अपनी आंखो से वो..
सर्-ए-आम कत्ल कर देते है...

अपनी अदा-ए-हुस्न से...
हमारा दिल वो जलाते है...

हम है कि उनके इशारो को...
बेवजह नजर-अंदाज करते है..

क्या कहे दोस्तो...

जब भी नाम आता है उनके दिवानो का..
लोग मेरी तरफ उंगली उठा देते है!

अल्फाज-ए-माही

No comments:

Post a Comment