Mann Maze

Mann Maze

अल्फाज-ए-माही..

जब हम दूब रहे थे,
किनारे पे खडे तमाशा देख रही थी दुनिया!
ऐ दोस्तो...
हौसला टूटने के लिये, ये नजारा काफी था!

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