हम तो मुहोब्बत करते है तुमसे
ओठों से नहीं आँखों से बयां करते है..
दिल जलता है...
इन आँखों की गहराई को तुम छू न सके..
और बताओ खता क्या है..
जीना मरना तो अब तुमिसे है...
हाथ थामके वादा जो किया था..
दिल जलता है..
उस वादे को तुम निभा न सके...
और बताओ खता क्या है...
महेश...
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