
अब के सावन..
मेहंदी रंग लायेगी...
पिया के संग...
होठो पे लाली आयेगी!
बजेगी चुडियाँ..
चुनर सरक जायेगी..
रातों को सपने मे...
पिया को हि पायेगी...
आसमां (बादल) बरसेगा...
धरती भीग जायेगी...
खिलेंगे कितने रंग...
खुशबू मेहक जायेगी...
झुमेगा गगन...
चिडिया भी गायेगी...
अब के सावन अब..
मेहंदी रंग लायेगी!
महेश.
No comments:
Post a Comment