मन माझे...
काळजातून कागदावर!
Mann Maze
...
रात के अँधेरे में हमें रोशनी न मिली
किसी से कोई शिकवा, कोई गिला नहीं!
गर्दिश में तारे तो हजारे देखे हमने...
पर हमारे दिल की पुकार सुननेवाला कोई मिला नहीं!
महेश.
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